Monitor buying guide in hindi

मॉनिटर कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण भाग होता है यह हम सभी जानते ही है बिना सही मॉनिटर के कंप्यूटर पर करने वाला कुछ भी काम सही से नहीं हो पाता है चाहे वह गेमिंग से रिलेटेड हो या फोटो वीडियो एडिटिंग से रिलेटेड हो या चाहे हमें कुछ पढ़ना ही क्यों ना हो हर एक कार्य के लिए हमें अच्छे मॉनिटर की जरूरत पड़ती है 

आज के समय में टेक्नोलॉजी इतनी ज्यादा बदल चुकी है कि हमें एक पेशेवर लेवल पर कुछ काम करने के लिए उस काम के हिसाब से अलग-अलग मॉनिटर होना अत्यंत आवश्यक है अगर देखा जाए तो जिस मॉनिटर पर हम अच्छी गेमिंग कर पाएंगे उस मॉनिटर पर हम अच्छी वीडियो एडिटिंग नहीं कर पाएंगे जिस पर हम अच्छी पढ़ना कर पाएंगे उसके ऊपर हम अच्छी वीडियो एडिटिंग नहीं कर पाएंगे इतने सारे ऑप्शन होने की वजह से एक सामान्य इंसान का कंफ्यूज हो जाना स्वाभाविक है कि उसके लिए कौन सा मॉनिटर सही रहेगा 

अगर हम मार्केट में मॉनिटर लेना जाए तो दुकानदार को यह तो पता रहेगा कि कौन से मॉनिटर में कौन सा नया फीचर आया है पर उसको यह नहीं पता रहेगा कि हमारे लिए कौन से मॉनिटर का कौन सा फीचर ज्यादा महत्वपूर्ण है 

अगर उदाहरण के तौर पर लिया जाए तो हमें क्या 4K मॉनिटर लेना चाहिए या फिर 1440p या 1080p या सिंपल HD मॉनिटर से भी हमारा काम चल जाएगा? इन सब मॉनिटर में डिफरेंस भी होता है कि नहीं होता है? किस मॉनिटर का कितना रिफ्रेश रेट होना चाहिए क्या रिस्पांस टाइम होना चाहिए?यह फ़्लिकर फ्री, लो ब्लू लाइट मोड, G-sync और Freesync क्या होता है?हमें अपने प्रोफेशन के हिसाब से किन फीचर को ज्यादा महत्व देना चाहिए यह सब हमें नहीं पता होता है

  लेकिन दोस्तों आगे बढ़ने से पहले अगर आप 10000 की प्राइस रेंज में अच्छे मॉनिटर की तलाश कर रहे हैं तो मेरी बनाई हुई लिस्ट के अनुसार आप बेस्ट मॉनिटर अंडर 10000 को देख सकते हैं मैं उम्मीद करता हूं इससे आपको कुछ न कुछ मदद जरूर मिलेगी

मॉनिटर खरीदने से पहले ध्यान देने योग्य कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

 

मॉनिटर पर आपका मुख्य कार्य क्या रहेगा गेमिंग प्रोफेशन वर्क या सामान्य उपयोग : सामान्य तौर पर देखा जाए जो लोग गेमिंग करते हैं वह एक अच्छे रिफ्रेश रेट को प्राथमिकता देते हैं और प्रोफेशनल कार्य करने वाले जैसे वीडियो एडिटिंग फोटो एडिटिंग वह कलर एक्यूरेसी को प्राथमिकता देते हैं और सामान्य कार्य करने वालों के लिए कुछ स्पेसिफिक मॉनिटर की आवश्यकता नहीं रहती है मुख्यतः वह VA पैनल को प्राथमिकता देते हैं 

जितना ज्यादा Resolution उतनी अच्छी पिक्चर क्वालिटी: एक मॉनिटर का Resolution हमें उस मॉनिटर की लंबाई और चौड़ाई में मौजूद कितने पिक्सेल है यह बताता है।आज के समय में आपके पास कम से कम 1080p वाला मॉनिटर तो होना ही चाहिए पर आपको भविष्य को देखते हुए QHD या 4K मॉनिटर की तरफ जाना चाहिए जिनमें आपको बेहतर पिक्चर क्वालिटी देखने को मिलेगी।

जितनी ज्यादा रिफ्रेश रेट उतना बेहतर: रिफ्रेश रेट को Hz से मेजर किया जाता है रिफ्रेश रेट यह बताता है कि एक सेकंड के अंदर मॉनिटर पर दिखाई देने वाली जानकारी कितनी बार अपडेट होती है।यह रिफ्रेश रेट का नंबर जितना ज्यादा होगा हमें उतनी ही अच्छी और स्मूथ पिक्चर क्वालिटी देखने को मिलेगी।सामान्यतः ज्यादा रिफ्रेश रेट वाला मॉनिटर गेमर्स के लिए अच्छा रहता है।

जितना कम रिस्पांस टाइम उतना बेहतर(यह गेमर्स के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है): रिस्पांस टाइम आपको यह बताता है कि मॉनिटर में मौजूद एक पिक्सेल ब्लैक से वाइट होने में कितना समय लेता है मतलब एक पिक्सेल को एक रंग से दूसरा रंग दिखाने में कितना समय जाता है जितना कम रिस्पांस टाइम होगा अर्थात एक पिक्सेल जितनी जल्दी रंग बदलने में समस्त होगा वह मॉनिटर उतना ही ज्यादा बेहतरीन होगा पर यह गेमिंग करने वालों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है

इमेज क्वालिटी के लिए पैनल,TN, IPS, VA : अगर देखा जाए तो TN पैनल मॉनिटर सबसे फास्ट और सबसे सस्ते मॉनिटर होते हैं, किन्तु इन मॉनिटर में साइड से देखने पर पिक्चर क्वालिटी बहुत ही ख़राब होती है, IPS पैनल TN पैनल से थोड़े स्लो होते हैं लेकिन VA पैनल से फास्ट होते हैं ,IPS पैनल की पिक्चर क्वालिटी TN पैनल से अच्छी होती है किंतु VA पैनल से थोड़ी कम अच्छी होती है,

क्या आपको curved मॉनिटर लेना चाहिए: पिछले कुछ समय से curved मॉनिटर ज्यादा प्रचलित हो रहे हैं इसका मुख्य कारण है एक बड़े viewing एंगल का होना और बेहतरीन वीडियो एक्सपीरियंस का होना। सामान्य भाषा में कहा जाए तो curved मॉनिटर बड़ी साइज के होते हैं अगर आपके डेस्क के ऊपर आपके पास ज्यादा जगह उपलब्ध है तो आपको एक curved मॉनिटर लेना चाहिए।यह सभी की अपनी अपनी पसंद पर निर्भर है इससे परफॉरमेंस पर कोई भी नेगेटिव फर्क नहीं पड़ता है।

 

Monitor Resolutions

किसी मॉनिटर पर दिखाई देने वाली है कोई इमेज असल में लाखों छोटे छोटे dot से मिलकर बनी होती है इन dot को pixels कहा जाता है

 एक पिक्सेल तीन सबपिक्सल से मिलकर बना होता है सबका अपना एक प्राइमरी कलर होता है किसी मॉनिटर में 1 स्क्वायर इंच में जितने ज्यादा पिक्चर होंगे उसको monitor पर दिखाई देने वाली इमेज उतनी ही अच्छी और smooth दिखाई देगी मॉनिटर में हायर Resolution की आवश्यकता पड़ती है अगर आप 27 inch से ऊपर का मॉनिटर खरीदने जा रहे हो अन्यथा आपको कहीं ना कहीं इमेज क्वालिटी में कॉम्प्रोमाइज करना पड़ेग

आप मॉनिटर के resolution से बता सकते हैं कि उसमे कितने पिक्सेल हैं कुछ resolution के अलग-अलग नाम होते हैं नीचे हम आपको सामान्य मॉनिटर और उनके resolution के बारे में सबसे अच्छे से लेकर सबसे बेकार resolution के बारे में बताने जा रहे हैं यहां पर हम 16:9 aspect ratio वाले मॉनिटर की बात कर रहे है।

Monitor buying guide in hindi | How to Buy a PC Monitor in 2022

5K resolution: 5120×2880

4k resolution : 3840×2160(normal monitor resolution) OR 4096×2160(official cinema resolution)

Ultra HD (UHD) resolution : 3840×2160

Quad HD(QHD) OR 1440p resolution : 2560×1440

2k resolution : 2048×1080 (official cinema resolution)

WUXGA resolution : 1920×1200

Full HD(FHD) OR 1080p: 1920×1080

HD OR 720p resolution : 1280×720

सामान्य तौर पर जिस मॉनिटर में जितने ज्यादा pixels होंगे उसकी पिक्चर क्वालिटी उतनी ही बेहतर होगी किंतु देखा जाए तो हमें यह सोचने पर मजबूर कर देगा कि हमें QHD मॉनिटर काफी रहेगा कि हमें उससे भी अच्छे resolution वाले मॉनिटर की आवश्यकता है।

मॉनिटर लेते समय समय यह ध्यान रखना है कि हमारे पीसी में ग्राफिक्स कार्ड कौन सा है हम जितना हायर resolution वाला मॉनिटर लेंगे उसके कंपेयर में हमें उतने ही बेहतर ग्राफिक्स कार्ड की आवश्यकता पड़ेगी अन्यथा मैं पिक्चर क्वालिटी में काफी कॉम्प्रोमाइज करना पड़ेगा जो कि हमारे एक्सपीरियंस को पूरी तरह बिगाड़ के रख देगा। सामान्य शब्दों में कहें तो जितना हाई क्वालिटी का मॉनिटर उतना बेहतर ग्राफिक्स कार्ड = एक बेहतरीन एक्सपीरियंस

पैनल टाइप

मॉनिटर के डिस्पले पैनल की बात है तो यह पैनल डिस्प्ले पर एक बहुत ही बड़ा प्रभाव डालते हैं इन पैनल से ही पर ही निर्भर करता है कि हमें डिस्पले क्वालिटी कैसे मिलेगी वह डिस्प्ले कैसे परफॉर्म करेगी हर पैनल की अपनी खूबी और अपनी कमियां है यह हर पीसी यूजर के ऊपर निर्भर करता है कि उसे किस टाइप का पैनल चाहिए।

TN (Twisted Nematic)- TN panel सबसे ज्यादा काम में लिए जाने वाले और सबसे कॉमन पैनल है इन पैनल का रिस्पांस टाइम सबसे ज्यादा होता है और यह गेमर्स के लिए अच्छे माने जाते हैं लेकिन इनकी कलर्स के बात की जाए तो वह इतने बेहतर नहीं होते हैं और इनका viewing angles भी अच्छा नहीं होता है यह पैनल सबसे अफोर्डेबल पैनल्स माने जाते हैं।

VA- VA पैनल स्कोर कभी-कभी MVA और PVA पैनल्स के नाम से भी जाना जाता है।इन पैनल्स में viewing angles और कलर्स TN पैनल के कंपेयर में अच्छे होते हैं पर इनका रिस्पांस टाइम TN पैनल से कम होता है।

IPS – IPS पैनल सबसे महंगे पैनल होते हैं।इन पैनल में हमें बहुत ही अच्छे कलर और बहुत ही बढ़िया विभिन्न एंगल से अपने को मिलता है पर खूबियों के साथ साथ यह पैनल कुछ कमियों के साथ ही आता है इस पैनल में का रिस्पांस टाइम टीएन पैनल के कंपेयर में बहुत कम होता है रिस्पांस टाइम की वजह से ही इन पैनल को गेमिंग में काम नहीं लिया जा सकता लेकिन वीडियो एडिटिंग फोटो एडिटिंग और इंटरटेनमेंट के लिए यह पैनल बेहतरीन साबित होते हैं।

Monitor buying guide in hindi | How to Buy a PC Monitor in 2022

TN

VA

IPS

Performance 

fastest:low response time,high refresh rate,low input lag

longest response time normally, higher refresh rate 

slower response time than TN,low refresh rate

Display

worst viewing angel,worst colors 

Best contrast,best image depth,viewing angel better than TN

Best viewing angel,Best colors 

Pricing 

Cheapest 

Price more than TN

Most expensive 

Best Use

Gaming 

General use

Professional 

गेमिंग मॉनिटर में कौन से फीचर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है

Monitor buying guide in hindi | How to Buy a PC Monitor in 2022

अगर आप मार्केट में गेमिंग मॉनिटर लेने जाओगे तो बहुत सारे कन्फ्यूजिंग मॉनिटर आपको देखने को मिलेंगे और उससे भी ज्यादा कन्फ्यूजन होता है उनके मार्केटिंग टर्म्स से तो एक नए गेमिंग मॉनिटर खरीदना एक प्रकार से सरदर्द जैसा ही हो जाता है इसमें आपको बताऊंगा कि कौन से फिचर सही में गेमिंग में महत्वपूर्ण रहते हैं

जो प्रोफेशनल गेमर्श होते हैं उनके लिए मॉनिटर में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है उसके स्पीड जिसे हम हाई रिफ्रेश रेट के नाम से जानते हैं जोकि 144 Hz या उससे ज्यादा हो तो ज्यादा बेहतर रहता है इसके साथ साथी उनके लिए महत्वपूर्ण होता है कि जितना कम रिस्पांस टाइम होंगे उतना बेहतर है इसके साथ साथ कम इनपुट लेग भी महत्वपूर्ण रहता है।

लेकिन सामान्य गेमिंग करने वालों को 60fps और 140 fps में कुछ ज्यादा अंतर महसूस नहीं हो पाएगा अगर आप सामान्य गेमिंग ही करते हैं तो आप 60 से 75 Hz तक का मॉनिटर ले सकते हैं। अगर इससे ऊपर आपका बजट है तो आप 144 या उससे ऊपर भी जा सकते हैं किंतु सामान्य गेमर्स के लिए 60 से 75 Hz काफी रहता है।

गेमिंग मॉनिटर में रिफ्रेश रेट और रिस्पांस टाइम

अगर आप प्रोफेशन गेमर हो तो आपको कम से कम 120 हर्टज वाला गेमिंग मॉनिटर तो लेना ही लेना चाहिए । लेकिन आप 75 Hz वाले मॉनिटर के भी साथ जा सकते हैं इसके लिए आपको एकदम से लोवेस्ट रिस्पांस टाइम वाला मॉनिटर ढूंढना पड़ेगा तभी आपको एक बेहतरीन गेमिंग अनुभव मिल पाएगा।

अगर आप सामान्य गेमर हो तो आप 60 Hz वाले गेमिंग मॉनिटर को भी ले सकते हैं आजकल मार्केट में 60Hz वाले 4K गेमिंग मॉनिटर काफी अच्छे प्राइस पॉइंट पर मिल जाते हैं।

Lower resolution + good graphics Card = Faster refresh rate

इनपुट लेग: जब हम कंप्यूटर पर अपने कीबोर्ड या माउस से कुछ कमांड देते हैं और वह डिस्प्ले पर दिखाई देने के बीच में जो टाइम लेता है उससे इनपुट लेग कहा जाता है इनपुट लेग काफी चीजों पर निर्भर करता है अगर हम वॉयरलैस कीबोर्ड एंड माउस काम में ले रहे हैं तो यह उसमें भी थोड़ा इनपुट लेकर रहेगा और यह प्रोसेसर और इसके साथ-साथ मॉनिटर की क्वालिटी के ऊपर भी निर्भर करता है तो जितना कम इनपुट होगा उतना बेहतरीन परफॉर्मेंस हमको देखने को मिलेगा।

सामान्य उपयोग में आने वाले मॉनिटर के महत्वपूर्ण फीचर्स

 सामान्य उपयोग में लेने वाले मॉनिटर में हम यह मान रहे हैं कि हमें उसके ऊपर अपना ऑफिस वर्क या रीडिंग का वर्क रहेगा। इन सभी कार्यों को करने के लिए हमें कोई भी ज्यादा हाई रिफ्रेश रेट वाले मॉनिटर की जरूरत नहीं रहती है ना ही कुछ कम रिस्पांस टाइम वाले मॉनिटर की जरूरत रहती है 

 फिर भी अगर फ्यूचर प्रूफ के हिसाब से देख कर चले तो हमें कम से कम 1080 पी मतलब फुल एचडी रिजॉल्यूशन वाला मॉनिटर तो लेना ही चाहिए ताकि भविष्य में हमें परेशानी का सामना ना करना पड़े। और अगर साइज की बात करें तो यह है सबकी अपनी पसंद पर निर्भर करता है किंतु 21 से 24 इंच बिल्कुल सही रहता है फुल एचडी रेजोल्यूशन डिस्प्ले वाले मॉनिटर के लिए।

प्रोफेशनल वर्क में काम आने वाले मॉनिटर के महत्वपूर्ण फीचर्स

प्रोफेशनल वर्क में देखा जाए तो मुख्यतः वीडियो एडिटिंग फोटो एडिटिंग यह सब भी आता है मतलब जिस काम में ज्यादा से ज्यादा अच्छी इमेज क्वालिटी चाहिए उसे हम प्रोफेशनल वर्क के हिसाब से ले सकते हैं। प्रोफेशनल वर्क के लिए आईपीएस पैनल वाले मॉनिटर सबसे बेहतर साबित होते हैं इनके अच्छे viewing एंगल और अच्छी इमेज क्वालिटी के कारण प्रोफेशनल वर्कर इनको ही लेना पसंद करते हैं। 

आईपीएस पैनल वाले मॉनिटर का नेगेटिव प्वाइंट देखें तो यह अन्य पैनल वाले मॉनिटर से थोड़े महंगे होते हैं इनके साथ साथ इनका रिफ्रेश रेट भी कम रहता है। प्रोफेशन वर्क में काम आने वाले मॉनिटर के साइज की बात की जाए तो हमें एक बात का विशेष ध्यान रखना है कि जितनी बड़ी डिस्प्ले लेंगे उतनी ही ज्यादा हाई रिजॉल्यूशन भी हमें लेना होगा। 

अगर हम बड़ी साइज का डिस्प्ले ले लेते हैं और उसका resolution कम रहता है तो हमें वीडियो एडिटिंग और फोटो एडिटिंग के समय अच्छा अनुभव नहीं मिलेगा। अगर हम 30 इंच से ऊपर के मॉनिटर लेते हैं तो हमें प्रोफेशन वर्क के लिए आईपीएस पैनल वाले 4K resolution की तरफ ही जाना चाहिए।

Curved Display OR Straight Display

डिस्प्ले के आकार से आपके वर्क परफॉरमेंस पर कोई भी फर्क नहीं पड़ता है यह सब आपके पसंद पर निर्भर करता है कि आपको कौन सा डिस्प्ले लेना है किंतु किसी भी डिस्प्ले को लेने से पहले उनके नेगेटिव प्वाइंट के बारे में पता होना चाहिए।

Curved display वाले मॉनिटर की बात करें तो इसमें हमें बेहतरीन अनुभव प्राप्त होता है मुख्यत गेमिंग करते समय या कुछ वीडियो देखते समय। इसके साथ साथ ही यह आपके टेबल पर थोड़ा स्पेस भी बचाते हैं मतलब यह कम जगह लेते हैं। 

इसके नेगेटिव पॉइंट की बात करें तो इसमें एक नैरो फील्डव्यू रहता है इसमें इसमें हम ग्रुप में बैठकर नहीं देख सकते यह केवल सिंगल के लिए ही अच्छा रहता है। इस डिस्प्ले वाले मॉनिटर में बेहतरीन एक्सपीरियंस लेने के लिए हमें कम से कम 30 इंच वाले या उससे ज्यादा बड़ी साइज वाले मॉनिटर की आवश्यकता रहती है। इसके साथ ही मोनिटर को हम wall-mount नहीं कर सकते।

क्या मैं मॉनिटर की जगह टीवी का उपयोग कर सकता हूं

अगर आप मॉनिटर की तलाश में है और आपको एक नए मॉनिटर चाहिए तो आपको टीवी की बजाय मॉनिटर की तरफ ही जाना चाहिए क्योंकि मॉनिटर टीवी की तुलना में कम प्राइस में मिल जाते हैं 

 मॉनिटर को पास से काम करने के लिए ही बनाया जाता है जबकि टीवी में हम पास से काम नहीं कर पाएंगे क्योंकि इनके पिक्सेल को इस हिसाब से ही डिजाइन किया जाता है कि दूर से देखने पर ही हमें साफ इमेज देखने को मिलती है इसलिए अगर आप पास में बैठ कर काम करना चाहते हैं तो आप मॉनिटर का ही उपयोग करिए। 

मॉनिटर में हमें हाई रिफ्रेश रेट low रिस्पांस टाइम यह सब फीचर्स भी देखने को मिल जाते हैं। इसके साथ ही टीवी हमारी आंखों के लिए हानिकारक होते हैं अगर उन्हें हम पास से बैठकर काम में ले ।

निष्कर्ष

मॉनिटर लेते समय हमें ज्यादा कंफ्यूज होने की आवश्यकता नहीं है हमें सिंपल यह पता लगाना है कि आपका मुख्य उपयोग क्या रहेगा अगर आपका मुख्य उपयोग गेमिंग है तो आपको ज्यादा रिफ्रेश रेट और कम रिस्पांस टाइम वाला मॉनिटर लेना है 

अगर आपका मुख्य उद्देश्य सामान्य कार्य करना है तो हमें इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच कर 1080 पी वाला मॉनिटर लेना है और अगर आपका प्रोफेशनल वर्क जो इमेज के कलर से रिलेटेड या फोटो एडिटिंग या वीडियो एडिटिंग से रिलेटेड है तो आपको सिंपल आईपीएस पैनल वाला मॉनिटर लेना है जिसमें 100% srgb तो होना ही होना चाहिए 

अगर मॉनिटर के साइज की बात आई तो आपको देखना है कि आप किस साइज में ज्यादा कंफर्टेबल है बस एक बात का ध्यान रखें जितनी बड़ी साइज उतना ज्यादा resolution वाला डिस्प्ले लेना है।

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